Azan or Iqamat अजान व इकामत
फर्ज नमाजों से पहले अज़ान देना सुन्नते मुअक्कदा है और शेआरे इस्लाम में दाखिल है।
जो शख्स अजान दे उसे चाहिए कि ऊँची जगह किबला की तरफ मुंह करके खड़ा हो अपने दोनों उंगलियों को कानों के दोनों सूराखों में डाल कर बुलन्द आवाज़ से अज़ान कहे।
अज़ान के बाद जमाअत से पहले इकामत (तकबीर) कही जाती है। इकामत बिल्कुल अज़ान की तरह है सिर्फ चन्द बातों का फर्क है:
(1) इकामत में हय्या अलस्सलाह और हय्या अलल फलाह के बाद कद का-मतिस्सलाह दो बार कहे।
(2) इकामत अजान के मुकाबिले में जरा पस्त आवाज से कहे | Azan or Iqamat
(3) इकामत कहते वक्त कानो के सूराखों में उंगलियां डालने की जरूरत नहीं